अबोध मन की पुकार by Sumit Prakash

PicsArt_05-06-09.11.06.jpgऐसी बाते अब घर के चार – दिवारी से बाहर निकलनी चाहिए।
हर छुअन पर प्रतिकार कर खुद को पल पल मजबूत बनाना है।
भोला भाला भले है मन मेरा पर गुड बैड टच से भलीभांति अवगत हूं।
बड़ो के गलत प्यार, व्यवहार को जान गए है अब हम।
अब प्रतिकार विरोध करने की ठान लिए है हम।
एहसास होने पर अपने स्नेहीजनों को अपनी आपबीती बताऊंगी, अबोध समझ सब मुझे भले ही गलत ठहराये।
सालों की चुप्पी तोड़ मै स्वंय को सही सिद्ध कर तो पाऊंगी। मेरा दुस्साहस, मेरा मनोबल देख वो अपने मेरे कापेंगे, फिर से दुबारा गलत इरादों से मुझे छूने से तो डरेंगे।
#KeepChildrensafe
#bethehumminginired
Helpline no. – 1098 , 1800 102 7222

सुमित प्रकाश
पूर्णियां, बिहार

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